चीन और अमेरिकी सैना की बढती ताकत और हमारी दुविधा

चीन और अमेरिकी सैना की बढती ताकत और हमारी दुविधा | China and the US Army's growing strength and our dilemma


भारत भी अपनी सेवाओं को आधिनिक बना रहा हैं, लेकिन यह काम चीन में तेजी से हो रहा है, उसके मुकाबले हम काफी पीछे हैं | युद्ध में सेना को मजबूत बनाया जा सके और युद्ध के लिए सैनिको की ताकत और जितने की क्षमता को बढाने का काम कर रही हैं |"


चीन और अमेरिकी सैना की बढती ताकत और हमारी दुविधा

सेंट्रल मिलिटरी कमीशन के शीर्ष अधिकारीयों की एक बैठक में उन्होंने कहा, सभी सैन्य इकाइयों को न सिर्फ राष्ट्रिय सुरक्षा और विकास से जुडी प्रमुख प्रवृतियाँ सही ढंग से समझनी चाहिए, बल्कि मुसीबतों, संकटों और युद्ध के प्रति अपनी समझ को मजबूत बनाने की जरुरत है क्योंकि आज दुनिया ऐसे बड़े बदलाव से गुजर रही हैं जो पहले कभी नहीं देखे गए |
जबकि आज भी चीन विकास के सामरिक खोज में जूता हुआ हैं | चीन के राष्ट्रपति ‘जिनपिंग’ ने सभी क्षेत्रो में उन्नत कामो को आगे बढ़ने और मजबूत और चीन की आर्थिक स्थिति पर विकास लाने पर बल दिया है और लगातार विकास कर रहा हैं | ताकि युद्ध में सेना को मजबूत बनाया जा सके और युद्ध के लिए सैनिको की ताकत और जितने की क्षमता बढाया जा सके | जिनपिंग ने सशस्त्र बालों के प्रशिक्षण किये, जो सीएमसी का इस वर्ष का पहला आदेश हैं | यह प्रशिक्षण पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को सभी इकाइयों के लिए जरुरी हैं |


चीन सेना की घातक हथियार

जिनपिंग सेना के लिए शुरू से ही उत्साहित रहें हैं और पदभर संभालने के बाद से ही पीएलए को अपनी लड़ाकू क्षमता बढाने पर जोर देते रहें हैं | जबकि साल 2017 में कम्युनिस्ट पार्टी की 19वीं कांग्रेस में उन्होंने कहा था की 2035 तक चीन अपने बलो को मजबूत बना लेगी और 2050 तक उसकी गिनती एक विश्व स्तरीय सेना में उसका नाम हो जायेगा जो की उसकी सेना तमाम परिस्थितियों में भी लड़ने व जितने की क्षमता रखेगी किसी भी आपात स्थिति को वह संभाल सके | 2018 में चीन के लगभग 20 लाख सैनिकों ने  18,000 से अधिक सैन्य अभ्यासों में हिस्सा लिया जबकि 2016  में अभियांसो का आकड़ा 100 था |

अभी भी जिनपिंग और चीन के लिए सैनिक के लिए आधिनिकीकरण प्राथमिता में हैं | मगर इससे भी अधिक उनका यह कदम विदेश निति में सेना को प्रभावी रूप से शामिल करना हैं जो अब एक नियम के तरह बनता जा रहा हैं जहाँ तक ये नियम बनता जा रहा हैं वही दुसरे देशो के लिए चिंता का कारण भी बनता जा रहा हैं | क्योंकि अमेरिका और चीन के बिच ताकत बढ़ रहा हैं और इसका किसी को संकेत भी नहीं हैं | ट्रंप प्रशासन दबाव के मुद में नहीं हैं हाल ही में अमेरिका के उप-राष्ट्रपति ने चीन के खिलाफ कहा था की चीन कम्युनिस्ट पार्टी तकनीक चुराकर बड़े पैमाने पर हल को तलवार बना रही हैं इस पर चीन ने भी जवाब में कही की तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की | रूस ने हथियार की खरीद पर अमेरिकी प्रतिबंध को धता बताते हए उसने मौस्को से हथियार खरीदने वाली अमेरिकी बयानों को मजबूती से नकार दिया | 


हाल ही में जिनपिंग ने ताइवान की औपचारिक स्वतंत्र को ख़ारिज करने और  चीन के साथ ‘शान्तिपूर्ण एकीकरण’ को स्वीकारने का आहरण किया | उन्होंने हनकंग की तरह एक देश, दो प्रणाली; की आवधारणा के अनुरूप आगे बढ़ने की बात कही | ताइवान को अपने पाले में रखने के लिए चीन ने सैन्य इस्तेमाल से भी इनकार नहीं किया हैं | चीनी प्रमुख मात्रभूमि का एक इंच टुकड़ा भी न सौपने की कसम पहले खा चुकी हैं |

दरअसल घरेलु आर्थिक मंदी और विदेशो से बढ़ते दबाव के कारन जिनपिंग सेना को लेकर इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं ताकि अपने देशवासियों का भरोसा बनाये रख सकें | हालांकि इससे भी इनकार नहीं की जिन के इस सैन्य आधिनिकरण के कारन अमेरिका और चीन के बिच सैन्य अंतर घटने लगा हैं बेशक अमेरिकी नौसेना तकनिकी रूप से कही ज्यादा उन्नत हैं लेकिन चीन की नौसेना भी मजबूती से आगे बढ़ रही हैं |
इसी महीने चीन ने एक नए प्रकार के विशाल हवाई बम का परीक्षण किया, जो अमेरिका के सबसे शक्तिशाली गैर-परमाणु हथियार ‘मदर ऑफ़ आलबोम्ब्स’ के जवाब में तैयार किया गया हैं चीन के हथियार अमेरिकी संस्करण के मुकाबले छोटे और हलके माने जाते हैं  उन्नत रक्षा तकनिकी के मामले में भी वह तेजी से अगुवा बनता जा रहा हैं जिसका गंभीर असर बैद्दिक सत्ता के तकनिकी संतुलन पर पड़ेगा |

और अब रही बात भारत की तो भारतीय सेना भी तेजी से आधुनिक बन रही हैं, लेकिन यह काम नियमित रूप से नहीं हो रहा | यहाँ खासतौर से चीन द्वारा सीमा पर दश की जा रही चुनौतियां के संदर्भ में एक सामंजस्यपूर्ण रणनीति का अब भी अभाव दिख रहा हैं चूँकि वैद्दिक सैन्य तस्वीर तेजी से बदल रही हैं, इसीलिए भारतीय गैर-परमाणु और परमाणु सैन्य ताकत को भी बदलते समय से कदमताल मिलाना होगा | हमें समझना होगा की पुरानी सोच ज्यादा दिनों तक कारगर नहीं रहती |



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